उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना के तहत प्रदेश के पांच प्रमुख जिलों में अत्याधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। सरकार का लक्ष्य बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार अवसर पैदा करना है।
यह पार्क वाराणसी, अमरोहा, बरेली, बिजनौर और संत कबीर नगर में स्थापित किए जाएंगे। वाराणसी में 75 एकड़ क्षेत्र में विशेष अपैरल क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जबकि अन्य जिलों में भी आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं के साथ टेक्सटाइल उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
परियोजना के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट, सड़क संपर्क, विद्युत आपूर्ति और अन्य आधारभूत ढांचे की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। वाराणसी परियोजना के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, जबकि अन्य चार पार्कों की रिपोर्ट अंतिम चरण में है।
सरकार इन पार्कों को वैश्विक पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अन्य आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य के कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देगी, औद्योगिक विकास को गति देगी और बुनकरों, कारीगरों तथा युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी। साथ ही यह योजना उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।