यूरोपीय फुटबॉल अधिकारियों ने चेक गणराज्य के पूर्व महिला फुटबॉल कोच पेट्र व्लाचोव्स्की पर जीवनभर के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। उन पर महिला खिलाड़ियों की चेंजिंग रूम में गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग करने के आरोप साबित हुए थे।
यूईएफए ने आधिकारिक बयान में कहा कि अनुशासन समिति ने गंभीर कदाचार की जांच के बाद व्लाचोव्स्की को फुटबॉल से जुड़ी सभी गतिविधियों से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
अधिकारियों ने यह भी मांग की कि इस प्रतिबंध को वैश्विक स्तर पर लागू किया जाए और चेक फुटबॉल महासंघ उनका कोचिंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करे।
चेक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्लाचोव्स्की को मई 2025 में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उन्हें एक साल की निलंबित जेल सजा और पांच साल के घरेलू कोचिंग प्रतिबंध की सजा सुनाई थी।
मामला एफसी स्लोवाको क्लब की खिलाड़ियों की छिपी रिकॉर्डिंग से जुड़ा था, जिनमें नाबालिग खिलाड़ी भी शामिल थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे कम उम्र की खिलाड़ी 17 साल की थी।
स्थानीय अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, व्लाचोव्स्की ने अपने कृत्य स्वीकार किए और सुनवाई के दौरान पछतावा भी जताया।
वह पहले चेक महिला अंडर-19 राष्ट्रीय टीम के साथ भी काम कर चुके थे, जिसके बाद महिला फुटबॉल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
एफसी स्लोवाको क्लब ने कहा कि आरोप सामने आते ही कोच से सभी संबंध समाप्त कर दिए गए थे और जांच में पूरा सहयोग किया गया।
क्लब ने यह भी कहा कि इस घटना का खिलाड़ियों पर गहरा मानसिक असर पड़ा है और खिलाड़ियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वैश्विक फुटबॉल खिलाड़ियों के संगठन FIFPRO ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह सजा साफ संदेश देती है कि खिलाड़ियों की निजता का उल्लंघन और दुर्व्यवहार फुटबॉल में किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।