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बार बार फेल हो चुकी है अल-नीनो की भविष्यवाणी, क्या इस सीजन तबाह करेगा मॉनसून?

भारत में 1997-98, 1983 और 1994 में मजबूत अल-नीनो होने के बावजूद वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी फेल हुई. प्रशांत महासागर का पूर्वी हिस्सा ठंडा था. अन्य मौसमी वजहों ने मॉनसून को मजबूत किया, जिससे सामान्य या ज्यादा बारिश हुई.
पिछले सात दशकों में 17 प्रमुख अल-नीनो घटनाओं में से कम से कम 5 में भारत को सामान्य या ज्यादा बारिश मिली. 1980 के बाद से सभी अल-नीनो में सूखे की भविष्यवाणी थी, लेकिन हर अल-नीनो सूखा नहीं लाया. भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश की अर्थव्यवस्था और कृषि का आधार है

हर साल प्रशांत महासागर में अल-नीनो की स्थिति बनती है, तो मौसम वैज्ञानिक चिंता में पड़ जाते हैं. अल-नीनो को आमतौर पर कमजोर मॉनसून और सूखे से जोड़ा जाता है. लेकिन कई बार यह भविष्यवाणी पूरी तरह गलत साबित हुई है. वैज्ञानिकों ने भारी बदलाव की भविष्यवाणी की, लेकिन असल में हुआ कुछ उल्टा. सोर्स-आजतक

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आपत्तिजनक पोस्ट मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक पदों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से संबंधित पोस्ट हटाने और अकाउंट धारकों की जानकारी मांगी है।
BY Shirin ·
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भरत तिवारी मामला: परिवार के आरोपों से बढ़ा सियासी विवाद

  • भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के मामले ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। परिवार ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर न्याय का भरोसा देने के बाद चुनाव प्रचार का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, जन सुराज ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
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