यूरोपीय संघ (EU) मंगलवार को ब्रुसेल्स में तालिबान अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूरोप में शरण आवेदन खारिज होने वाले अफगान नागरिकों की वापसी और अवैध प्रवासन के मुद्दों पर चर्चा करना है।
बेल्जियम सरकार ने तालिबान प्रतिनिधिमंडल के पांच सदस्यों को एक दिन के लिए सीमित वीजा जारी किया है। सुरक्षा जांच के बाद जारी किए गए इन वीजा के तहत प्रतिनिधि केवल बैठक में भाग ले सकेंगे।
यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह बैठक अफगान प्रवासियों की वापसी और पुनःस्वीकृति से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होगी। हालांकि आयोग ने यह भी कहा कि इस बातचीत का मतलब तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता देना नहीं है।
यूरोपीय देशों में हाल के वर्षों में प्रवासन को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। कई सदस्य देश ऐसे अफगान नागरिकों को वापस भेजने के विकल्प तलाश रहे हैं जिनकी शरण याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं या जिन्हें सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है।
यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता मार्कस लैमर्ट ने कहा कि सदस्य देश विशेष रूप से गंभीर अपराधों में शामिल लोगों और सुरक्षा खतरा पैदा करने वाले व्यक्तियों की वापसी के उपायों पर विचार कर रहे हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने इस बैठक पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान में महिलाओं और नागरिक अधिकारों की स्थिति लगातार खराब हुई है, ऐसे में लोगों को वापस भेजना जोखिम भरा हो सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अफगानिस्तान इस समय गंभीर मानवीय संकट से गुजर रहा है। देश की बड़ी आबादी खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है, जबकि ईरान और पाकिस्तान से लौट रहे हजारों लोगों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।