एवियन, फ्रांस: प्रधानमंत्री ने जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस के खूबसूरत शहर Évian-les-Bains पहुंचने की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि वह विश्व नेताओं के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और आपसी सहयोग को मजबूत बनाने के लिए उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने और एक अधिक टिकाऊ तथा समृद्ध विश्व के निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और वैश्विक शांति जैसे विषय इस सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।
G7 Summit में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता भाग ले रहे हैं। इस मंच पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक चुनौतियों और विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। भारत, भले ही जी7 का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक स्तर पर अपनी बढ़ती भूमिका और प्रभाव के कारण उसे विशेष आमंत्रित देश के रूप में आमंत्रित किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा से भारत और जी7 देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिल सकती है। इसके अलावा, भारत विकासशील देशों की चिंताओं और वैश्विक दक्षिण की आवाज को भी इस मंच पर प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करेगा।
प्रधानमंत्री विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे, जिनमें निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और हरित ऊर्जा जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत का लक्ष्य वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाना है।
जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसके मजबूत नेतृत्व को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने और एक अधिक सुरक्षित, टिकाऊ तथा समृद्ध भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।