सबसे पहले हम ये जानेंगे कॉकरोच शब्द आया कहां से ?15 मई को एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोचों से की । बेरोजगार युवाओं की बात करता हुए उन्होंने कहा इन्हीं में से कुछ लोग मीडिया , सोशल मीडिया , आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं और फिर प्रशासन पर हमला करना शुरु कर देते हैं। CJI ने सुनवाई के दौरान वकालत की फर्जी डिग्रियों पर चिंता जताई। इस सुनवाई के बाद बवाल शुरु हो गया। कोर्टरुम के बाहर आने के बाद इस बयान ने युवाओं के बीच हलचल पैदा कर दी ।
CJI की टिप्पणी के बाद अभिजीत दीपके ने मीडिया x पर लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी में शामिल होने के लिए आग्रह किया। बात साफ की जाए तो यह कोई पार्टी नहीं थी बल्कि CJI की टिप्पणी पर करारा व्यंग्य था। देखते ही देखते जब इस मामले ने सोशल मीडिया पर ट्रेंड करना शुरु कर दिया, तब CJI को अपनी बात स्पष्ट करने के लिए दुबारा बयान दिया उन्होंने कहा उनकी मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से जनता के समक्ष पेश किया गया है। उनहोंने सफाई देते हुए कहा उनकी मौखिक टिप्पणी फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल कर कानून और मीडिया जैसे पेशे में शामिल होने वाले लोगों के लिए थी, न की बेरोजगार युवाओं के लिए। फिर भी इस बयान ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी।
पार्टी की टेगलाइन - आलसी और बेरोजगार की आवाज
कॉकरोज जनता पार्टी में शामिल होने की योग्यता है बेरोजगारी , आलस पन, ऑनलाइन रहने की लत और आखिर है व्यवस्थित रुप से भड़ास निकालने की क्षमता । अगर आप में भी ये योग्यता है तो आप भी इस पार्टी में शामिल हो सकते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी बनने वाले अभिजीत अमेरिका से पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। अभिजीत का कहना था कि कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य न्यायाधीश की उस बयान के खिलाफ युवाओं की असहमति है जिसमें उनकी तुलना कॉकरोचों से की। अभिजीत ने कहा की अगर युवाओं को अपनी बात पहुचने के लिए कॉकरोच बनना पड़े तो युवा कॉकरोच बनना स्वीकार करता है। आखिर में साफ बताया दिया जाए तो यह कोई पार्टी नहीं एक गहरा व्यंग्य है।