नई दिल्ली, 15 जून। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए पार्टी के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का फैसला किया है। बागी गुट ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने की भी घोषणा की है।
बागी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सदन में अलग समूह के रूप में मान्यता और अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की गुट का दावा है कि उसके पास TMC सांसदों के दो-तिहाई से अधिक का समर्थन है, जिससे दल-बदल कानून के तहत उसकी स्थिति मजबूत हो सकती है।
गुट की प्रमुख नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि सांसदों ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली और राजनीतिक दिशा को लेकर असहमति के कारण यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि नया समूह अब NCPI के साथ मिलकर काम करेगा और संसद में NDA का समर्थन करेगा।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। NCPI, जो अब तक राष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाकृत छोटी पार्टी मानी जाती थी, अचानक महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका में आ सकती है। यदि लोकसभा अध्यक्ष इस विलय को मान्यता देते हैं, तो NCPI संसद में NDA की प्रमुख सहयोगी पार्टियों में शामिल हो सकती है।
वहीं, TMC नेतृत्व ने बागी सांसदों के फैसले की आलोचना करते हुए संकेत दिया है कि उनके खिलाफ कानूनी और संसदीय कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी का कहना है कि सांसद जनता का जनादेश TMC के नाम पर जीतकर आए थे और NDA का समर्थन करना मतदाताओं के विश्वास के विपरीत है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम संसद में विपक्ष की ताकत को प्रभावित कर सकता है और आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी है।