पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है।
यह नरम रुख उस बयान के ठीक एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी के भतीजे को सार्वजनिक रूप से अहंकारी कहा था। लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पार्टी बंगाल की राजनीति में 15 साल के दबदबे के बाद सबसे बड़े अंदरूनी संकट का सामना कर रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा कि हालिया मतभेदों के बावजूद अभिषेक बनर्जी के प्रति उनके मन में कोई निजी नाराजगी नहीं है।
उन्होंने कहा, "वह मेरे बेटे जैसे हैं। बेटे की गलतियों को माफ करना पिता का काम है। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि विपक्ष पूरी तरह खत्म हो जाए। यह सीएम प्रतिशोध की भावना रखती हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।"
कल्याण बनर्जी की हालिया टिप्पणियां इस हफ्ते की शुरुआत में की गई तीखी आलोचना से अलग रुख दिखाती हैं। गुरुवार को चार बार के लोकसभा सांसद और सीनियर वकील ने अभिषेक बनर्जी के प्रति सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी और उन पर सीनियर नेताओं का बार-बार अनादर करने और 'लगातार अहंकार' दिखाने का आरोप लगाया था।
उन्होंने यहां तक कहा था कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को अपने भतीजे और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं में से किसी एक को चुनना होगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने के विवाद से जुड़े एक मामले में कानूनी प्रतिनिधित्व को लेकर हुए झगड़े के बाद वे अब कानूनी मामलों में कानूनी प्रतिनिधित्व को लेकर हुए झगड़े के बाद वे अब कानूनी मामलों में अभिषेक बनर्जी का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे ।