कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में दक्षिणपंथी वकील एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत हासिल कर ली है। प्रारंभिक मतगणना के अनुसार उन्होंने 49.7 प्रतिशत वोट प्राप्त किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी वामपंथी सीनेटर इवान सेपेदा को 48.7 प्रतिशत वोट मिले।
इवान सेपेदा ने मौजूदा राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की नीतियों को आगे बढ़ाने, सामाजिक योजनाओं को जारी रखने और सशस्त्र समूहों के साथ शांति वार्ता बनाए रखने का वादा किया था। दूसरी ओर डी ला एस्प्रिएला ने देश की आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों के लिए वर्तमान सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए विद्रोही समूहों के साथ बातचीत समाप्त करने, तेल और गैस क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा करों में कमी लाने का वादा किया।
जीत के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए डी ला एस्प्रिएला ने कहा कि वह सभी कोलंबियाई नागरिकों के लिए काम करेंगे और देश को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे।
उनकी जीत को कोलंबिया में दक्षिणपंथ की सत्ता में वापसी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि चुनावी मुकाबला बेहद करीबी रहा है, जिसके कारण नई सरकार को विभाजित संसद के साथ सहयोग बनाकर चलना पड़ सकता है।
चुनाव में 4 करोड़ 14 लाख से अधिक पात्र मतदाताओं में से लगभग 2 करोड़ 63 लाख लोगों ने मतदान किया। इस दौरान सुरक्षा, अपराध, उगाही और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दे मतदाताओं की प्रमुख चिंताओं में शामिल रहे।
इवान सेपेदा ने चुनाव परिणामों पर अंतिम पुष्टि का इंतजार करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम हजारों मतदान केंद्रों के परिणामों की समीक्षा की मांग कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई करेगी।