मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदर्शन की भी चर्चा हो रही है। जहां कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने जीत दर्ज की, वहीं सांसद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव मंडल ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों के अंतर से हराया। भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव मंडल को 22,527 वोट प्राप्त हुए। उनका कुल वोट प्रतिशत लगभग 14.3 प्रतिशत रहा।
चुनाव परिणाम के बाद दामोदर यादव मंडल ने कहा कि उनकी पार्टी ने धनबल, बाहुबल और सत्ताबल के खिलाफ संघर्ष किया और कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत दतिया में संगठन की मजबूत राजनीतिक नींव रखी गई है। उन्होंने सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह भविष्य की राजनीति के लिए सकारात्मक संकेत है।
दामोदर यादव मंडल आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य हैं और दलित-पिछड़ा समाज संगठन से भी जुड़े रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद पार्टी का दो अंकों में वोट प्रतिशत हासिल करना भविष्य के चुनावों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, जीत के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी जीत का भरोसा पहले से था। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और अब क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अप्रत्यक्ष रूप से उनका सहयोग किया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने व्यक्तिगत रूप से उनका समर्थन नहीं किया।
गौरतलब है कि भाजपा ने इस उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट वितरण के समय पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी भी सामने आई थी। चुनाव परिणाम के बाद इस मुद्दे पर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।