अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में बम बनाने से संबंधित कथित संदिग्ध पर्ची मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू करते हुए छात्र सरफराज खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसके अलावा ड्यूटी पर मौजूद कुछ अन्य छात्रों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे विभाग में सुबह ड्यूटी पर पहुंचे छात्रों को एक कागज मिला, जिस पर विस्फोटक सामग्री तैयार करने से जुड़ी संदिग्ध जानकारी लिखी हुई थी। छात्रों ने इसकी सूचना अपने सुपरवाइजर को दी, जिसके बाद मामला कॉलेज प्रशासन तक पहुंचा और तुरंत पुलिस को बुलाया गया।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर प्रतीत होने पर सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस ने जांच के दौरान छात्र सरफराज खान के अलावा एक एक्स-रे टेक्नीशियन अभिषेक और नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ शुरू की है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध पर्ची मेडिकल कॉलेज परिसर में कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी शरारत या बड़ी साजिश का कोई संबंध है या नहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है। संदिग्ध दस्तावेज की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है और कॉलेज परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अयोध्या देश का एक प्रमुख धार्मिक और संवेदनशील शहर है, जहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी राम मंदिर को लेकर कई बार सुरक्षा संबंधी अलर्ट जारी किए जा चुके हैं। पिछले वर्ष मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई थी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।