नई दिल्ली। छात्र आंदोलन और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उसे सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और पूरे घटनाक्रम की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल दोषियों को सजा देने की घोषणा पर्याप्त नहीं होगी। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार नहीं किए जाएंगे, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकेगी। उन्होंने परीक्षा सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए व्यापक सुधार लागू करने की मांग की।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में अधिक ऊर्जा लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबाया जाना चाहिए।
इस बीच सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि परीक्षा संबंधी मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। सरकार ने यह भी दोहराया है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार किया जा रहा है।
छात्र संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि केवल कार्रवाई की घोषणा से भरोसा बहाल नहीं होगा, बल्कि पारदर्शी जांच और संस्थागत सुधार जरूरी हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और विपक्ष लगातार संसद के भीतर और बाहर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।