उत्तर प्रदेश में डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पॉलिटेक्निक काउंसलिंग का तीसरा चरण 17 जुलाई से शुरू होगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद (JEECUP) ने इसकी घोषणा करते हुए सरकारी, सहायता प्राप्त, पीपीपी मॉडल और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों की वार्षिक फीस भी निर्धारित कर दी है।
परिषद के अनुसार, सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रथम वर्ष की वार्षिक फीस 12,000 रुपये तय की गई है, जबकि निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में यह शुल्क 30,000 रुपये निर्धारित किया गया है। यदि कोई संस्थान निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलता है तो विद्यार्थी इसकी शिकायत परिषद से कर सकते हैं।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरे चरण की काउंसलिंग के बाद अब तक 48 हजार से अधिक अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर फीस जमा कर चुके हैं।
तीसरे चरण में बची हुई रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इस वर्ष प्रदेश के 156 सरकारी, 18 अनुदानित, 29 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल और 162 निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
परिषद ने बताया कि तीसरे चरण की काउंसलिंग से जुड़ी सभी जानकारी, विकल्प भरने, सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। साथ ही फार्मेसी पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग 24 जुलाई से शुरू होगी।
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