दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजसेवी और इंजीनियर सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन 17वें दिन भी जारी है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनका वजन करीब 8.5 किलो घट चुका है और डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती सेहत पर गंभीर चिंता जताई है।
यह आंदोलन NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। आंदोलन की शुरुआत सीजेपी (Cockroach Janata Party) ने की थी, जिसके बाद 29 जून को सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल में शामिल हो गए।
वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् हैं। उन्होंने 'आइस स्तूप' तकनीक विकसित कर हजारों किसानों को पानी की समस्या से राहत दिलाई। उन्हें 2018 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार मिल चुका है और उन्हें फिल्म थ्री इडियट्स के मुख्य किरदार की प्रेरणा भी माना जाता है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी कड़ी में 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया गया है। इस बीच देशभर से लोग सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जता रहे हैं और सरकार से बातचीत की अपील कर रहे हैं।