इन निर्देशों के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान इस तरह की पाबंदियां समाज में गलत संदेश देती हैं और इससे तनाव बढ़ सकता है।
झंझारपुर के परतापुर क्षेत्र के लोग दशकों से कमला बलान नदी पर स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं, लेकिन पुल न बनने से रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल में है, नाव ही एकमात्र सहारा बनी है।