Democratic Republic of the Congo में इबोला वायरस के प्रकोप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 131 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री Samuel Roger Kamba के अनुसार अब तक 513 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए World Health Organization ने विशेषज्ञों की आपातकालीन समिति की बैठक बुलाने का फैसला किया है। बैठक में संभावित वैक्सीन विकल्पों और बीमारी को रोकने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
WHO के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि संक्रमण की रफ्तार और फैलाव बेहद चिंताजनक है। वायरस अब पड़ोसी देश Uganda तक पहुंच चुका है।
WHO ने इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। अधिकारियों के मुताबिक यह संक्रमण इबोला के Bundibugyo स्ट्रेन से जुड़ा है, जिसके लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है।
संक्रमण का मुख्य केंद्र कांगो का इतुरी प्रांत है, जो युगांडा और South Sudan की सीमा के पास स्थित है। सीमावर्ती इलाकों और खनन क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वायरस अब कई अन्य प्रांतों तक फैल चुका है, जो मूल केंद्र से लगभग 200 किलोमीटर दूर हैं।
विशेषज्ञ समिति इस बात पर विचार करेगी कि क्या Ervebo नामक वैक्सीन Bundibugyo स्ट्रेन के खिलाफ कुछ हद तक सुरक्षा दे सकती है। पशुओं पर हुए परीक्षणों में इसके सकारात्मक संकेत मिले हैं।
अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अधिकारी Mosoka Fallah ने कहा कि वैज्ञानिक प्रमाणों की समीक्षा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इस बीच WHO ने पुष्टि की है कि प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त चिकित्सा सामग्री और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरण भेजे जा रहे हैं ताकि राहत कार्यों को मजबूत किया जा सके।