नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा और शिक्षा सुधारों को लेकर हुए CJP प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने संकेत दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सामान्य परिस्थितियों में कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस मामले को समाप्त मानते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे अतिरिक्त कार्रवाई शुरू नहीं की जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला उन लोगों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है जो शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का हिस्सा बने थे और जिनका किसी गंभीर आपराधिक गतिविधि से संबंध नहीं है। सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और ऐसे मामलों में अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचा जाना चाहिए।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत सभी लोगों पर समान रूप से लागू नहीं होगी। जिन व्यक्तियों के खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद हैं या जिन पर हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने अथवा अन्य गंभीर अपराधों के आरोप हैं, उनके मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेंगी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों की अलग-अलग समीक्षा की जा रही है। जिन लोगों की भूमिका केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन तक सीमित रही, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई से बचने की नीति अपनाई जा सकती है। वहीं हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
सरकार ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
इस फैसले को प्रदर्शनकारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि प्रशासन ने दोहराया है कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से लागू रहेगा और गंभीर मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।