पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान के कई रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इन हमलों में बंदर अब्बास, बुशेहर, जास्क, अहवाज, अबादान, खुर्रमशहर, किश्म और अन्य इलाकों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। संगठन के अनुसार, कुवैत के अली अल-सलेम एयरबेस और अहमद अल-जाबेर एयरबेस के साथ-साथ बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसकी हर हाल में रक्षा की जाएगी।
इसी बीच ओमान के पास एक नागरिक जहाज पर हुए हमले में 11 भारतीयों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने इस घटना की निंदा करते हुए नागरिक जहाजों पर हमले रोकने की अपील की है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में ईरान के 300 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में अमेरिकी HIMARS मिसाइल लॉन्चर और हथियार भंडार को नष्ट कर दिया, हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।