उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र से गोरक्षा के नाम पर लापरवाही और पशु क्रूरता का गंभीर मामला सामने आया है। रतखाल क्षेत्र में संचालित मां दूनागिरि गोरक्षा मिशन ट्रस्ट की दो कथित गोशालाओं में करीब 145 गाय, बछड़े और बछियाओं को बिना पंजीकरण रखा गया था। आरोप है कि चारे और उचित देखभाल के अभाव में अब तक 10 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर हालत में हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट ने निजी खेतों में बिना वैध पंजीकरण के गोशालाएं संचालित कर रखी थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोवंश को पर्याप्त चारा और चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही थी। मृत मवेशियों को खुले में फेंकने और कुछ को गगास नदी के किनारे दफनाने की सूचना मिलने के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया।
एसडीएम सुनील कुमार राज के निर्देश पर राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोशालाओं का निरीक्षण किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वहां की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। निरीक्षण के दौरान कई गोवंश कुपोषित अवस्था में मिले और चारों ओर दुर्गंध फैली हुई थी।
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गोशालाओं का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और न ही उनका सत्यापन किया गया था। प्राथमिक जांच में जरूरत से अधिक संख्या में गोवंश रखने और पर्याप्त चारा न मिलने की बात सामने आई है। कई पशुओं की पहचान और टैगिंग की जा चुकी है, जबकि शेष प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जीवित गोवंश के संरक्षण और उचित देखभाल के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।