दुनिया भर के फुटबॉल नेता कनाडा में 76वीं फीफा कांग्रेस के लिए एकत्र होने वाले हैं, जहां चर्चा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भू-राजनीतिक तनाव, मानवाधिकार चिंताओं और आगामी वर्ल्ड कप से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों पर भी होगी।
इस वार्षिक बैठक में 211 सदस्य संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिसमें करीब 1,600 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। आम तौर पर यह बैठक प्रशासन, वित्त और नियमों पर केंद्रित होती है, लेकिन इस बार का एजेंडा वैश्विक राजनीतिक घटनाओं और टूर्नामेंट से जुड़े विवादों से प्रभावित है।
इस कार्यक्रम पर सबसे बड़ा असर ईरान से जुड़े तनाव का है। इस स्थिति ने भागीदारी को भी प्रभावित किया, क्योंकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल कनाडा पहुंचने के बाद ही वापस लौट गया। उन्होंने इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा किए गए व्यवहार को अस्वीकार्य बताया।
कनाडा के अधिकारियों ने कथित तौर पर ईरान फुटबॉल महासंघ के कुछ सदस्यों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन नीतियों के तहत आते हैं जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े लोगों पर लागू होती हैं। इसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल तुरंत तुर्किये लौट गया।
यह कांग्रेस 48 टीमों वाले विस्तारित वर्ल्ड कप से कुछ ही हफ्ते पहले हो रही है, जिसकी मेजबानी अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा मिलकर करेंगे। आयोजक इस दौरान टूर्नामेंट की तैयारी और वित्तीय योजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।
मानवाधिकार के मुद्दे भी इस बार चर्चा के केंद्र में रहेंगे। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो से अपील की है कि वे प्रशंसकों, पत्रकारों और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट कदम उठाएं।
मानवाधिकार संगठनों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आगंतुकों के साथ व्यवहार और कानून-व्यवस्था से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि इस वैश्विक आयोजन को किसी भी तरह के दमन का मंच बनने से रोका जाए।
वहीं, स्थानीय स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी हो रही है। वैंकूवर में फुटबॉल प्रशंसक #SaveTheCaps अभियान के तहत प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें वे वैंकूवर व्हाइटकैप्स क्लब के संभावित स्थानांतरण का विरोध कर रहे हैं।
क्लब को दूसरे शहर में ले जाने की संभावना ने प्रशंसकों में नाराजगी पैदा कर दी है, क्योंकि वे चाहते हैं कि टीम वैंकूवर में ही बनी रहे। यह शहर वर्ल्ड कप के कुछ मैचों की मेजबानी भी करने वाला है, जिससे यह मुद्दा और महत्वपूर्ण हो गया है।
एक अन्य महत्वपूर्ण विषय रूस की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में स्थिति भी है, जिस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है और यह सदस्य देशों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
जैसे-जैसे दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट करीब आ रहा है, यह कांग्रेस सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं रह गई है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे वैश्विक राजनीति, मानवाधिकार और आर्थिक मुद्दे अब खेल की दुनिया को भी प्रभावित कर रहे हैं।