Latest News Lifestyle
ईरान के गोल पर गूंजा स्टेडियम, विश्व कप में दिखी राष्ट्रीय एकता की झलक

लॉस एंजिलिस में फीफा विश्व कप के मुकाबले के दौरान ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया मैच सिर्फ फुटबॉल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ईरानी समाज की राजनीतिक और सामाजिक जटिलताओं की भी झलक बन गया। मैच 2-2 की रोमांचक बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन स्टेडियम में मौजूद हजारों ईरानी समर्थकों ने यह दिखा दिया कि फुटबॉल कई बार राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठ जाता है।

मैच से पहले न्यूयॉर्क से आए ईरानी प्रशंसक पार्सा तफरेशी ने कहा था कि जैसे ही ईरान गोल करेगा, पूरा स्टेडियम जश्न मनाएगा। मैच के दौरान ऐसा ही हुआ। ईरान के दोनों गोलों पर स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा।

स्टेडियम में ईरानी समुदाय दो अलग-अलग राजनीतिक प्रतीकों के साथ मौजूद था। कुछ लोग इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का आधिकारिक झंडा लहरा रहे थे, जबकि कई समर्थक 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाले शेर और सूरज वाले झंडे के साथ पहुंचे थे, जिसे विपक्षी समूहों का प्रतीक माना जाता है। इसके बावजूद जब ईरानी टीम ने आक्रमण किया तो समर्थक एक सुर में “ईरान, ईरान” के नारे लगाते दिखाई दिए।

मैच के बाहर एक छोटा विरोध प्रदर्शन भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इजरायली झंडे लहराए और विपक्षी नेता रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए। कुछ लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने की मांग भी की। प्रदर्शनकारियों ने हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ भी नारेबाजी की।

विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने ईरानी खिलाड़ियों की तस्वीरों वाला बैनर दिखाया, जिस पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया गया था और टीम को “आईआरजीसी टीम” बताया गया। उनका आरोप था कि राष्ट्रीय टीम मौजूदा शासन का प्रतिनिधित्व करती है।

हालांकि स्टेडियम के अंदर माहौल अलग था। बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने राजनीतिक नारों वाले कपड़े पहने थे और कई लोग “फ्री ईरान” तथा “मेक ईरान ग्रेट अगेन” जैसे संदेशों के साथ दिखाई दिए। इसके बावजूद मैच के दौरान अधिकांश समर्थकों का ध्यान केवल खेल पर केंद्रित रहा।

मैच में कुछ अन्य राजनीतिक संदेश भी देखने को मिले। एक ईरानी प्रशंसक ने “मिनाब 168” लिखी टी-शर्ट पहन रखी थी। यह संदेश उस हमले की ओर इशारा करता है जिसमें दक्षिणी ईरानी शहर मिनाब के एक स्कूल में 168 बच्चों की मौत हुई थी। प्रशंसकों के एक समूह ने स्टेडियम के भीतर भी “MINAB 168” का संदेश प्रदर्शित किया।

स्टैंड्स में फिलिस्तीनी और इजरायली झंडे भी दिखाई दिए। मैच शुरू होने से पहले ईरानी राष्ट्रगान के दौरान कुछ दर्शकों ने हूटिंग की, जिसे सरकार विरोधी कार्यकर्ता अपने विरोध के प्रतीक के रूप में देखते हैं।

ईरान की विश्व कप में भागीदारी इस वर्ष की शुरुआत में युद्ध और कूटनीतिक तनाव के कारण अनिश्चित हो गई थी। अमेरिकी प्रशासन द्वारा मेजबानी से इनकार किए जाने के बाद ईरानी टीम को अपना बेस कैंप मेक्सिको में बनाना पड़ा, जबकि उसके सभी ग्रुप मैच अमेरिका में आयोजित किए जा रहे हैं।

लेकिन जैसे ही मैच शुरू हुआ, राजनीतिक बहसें पीछे छूट गईं। मैदान पर सिर्फ फुटबॉल था। ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की और मुकाबला 2-2 से बराबर किया। हालांकि टीम जीत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन उसके दोनों गोलों ने दुनिया भर में फैले लाखों ईरानियों को कुछ पल के लिए एक साथ जश्न मनाने का मौका जरूर दिया।

राजनीतिक मतभेद, अलग-अलग झंडे और विचारधाराओं के बावजूद एक बात साफ दिखाई दी-जब ईरान ने गोल किया, तो लगभग हर ईरानी प्रशंसक खुशी से झूम उठा।

News Image

WTC Points Table में बड़ा उलटफेर न्यूजीलैंड की ऐतिहासिक जीत से बदला समीकरण भारत की रैंकिंग पर भी असर

  • न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में बड़ा बदलाव कर दिया है।
BY Saba Parveen ·