भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऐसा प्रदर्शन किया जिसने उन्हें रातोंरात दुनिया भर में पहचान दिला दी। मध्य प्रदेश की रहने वाली 22 वर्षीय क्रांति ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में कुल 7 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह बिखेर दिया। भारत ने यह मुकाबला 270 रन से जीतकर नया इतिहास रच दिया।
क्रांति गौड़ का जन्म 11 अगस्त 2003 को मध्य प्रदेश में हुआ। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत टेनिस बॉल क्रिकेट से की। बाद में लेदर बॉल क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने मध्य प्रदेश की घरेलू टीम में जगह बनाई और लगातार शानदार प्रदर्शन किया। सीनियर विमेंस वनडे ट्रॉफी 2024-25 में 17 विकेट लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की। फाइनल में बंगाल के खिलाफ 4 विकेट लेकर टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके प्रदर्शन के बाद WPL में UP Warriorz ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। लीग में उनका पहला बड़ा विकेट ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज बल्लेबाज़ मेग लैनिंग का रहा। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में 6 विकेट लेकर उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाया।
लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार गेंदबाज़ी के बाद क्रांति गौड़ पहली महिला क्रिकेटर बनीं जिनका नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हुआ। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराना उनका सपना था, जो अब पूरा हो गया है।
क्रांति गौड़ की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज़ रफ्तार, स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ मानी जाती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे अहम तेज़ गेंदबाज़ों में शामिल होंगी।