फीफा विश्व कप 2026 अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। अब हर मुकाबला टीमों के लिए करो या मरो जैसा है। क्वार्टरफाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा। यह मुकाबला अमेरिका के कैनसस सिटी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी।
लियोनेल मेसी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबले जीतकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रिया, जॉर्डन और अल्जीरिया जैसी टीमों को हराकर अर्जेंटीना ने खिताब बचाने की अपनी दावेदारी मजबूत दिखाई। हालांकि नॉकआउट चरण में टीम को अपेक्षा से कहीं अधिक संघर्ष करना पड़ा।
राउंड ऑफ 32 में अर्जेंटीना को केप वर्डे के खिलाफ अतिरिक्त समय तक खेलना पड़ा, जहां टीम ने मुश्किल मुकाबले में जीत दर्ज की। इसके बाद प्री-क्वार्टरफाइनल में मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत हासिल की। इस मुकाबले के बाद कुछ फैसलों को लेकर विवाद भी देखने को मिला, लेकिन अर्जेंटीना ने अंततः अपनी जगह क्वार्टरफाइनल में पक्की कर ली।
दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत उभरती हुई टीमों में शामिल रही है। टीम ने ग्रुप चरण में कनाडा और बोस्निया एंड हर्जेगोविना को हराया, जबकि कतर के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ रहा। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में अल्जीरिया को हराने के बाद स्विट्जरलैंड ने कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में मात देकर 72 वर्षों बाद विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
स्विट्जरलैंड के लिए ब्रील एम्बोलो और युवा खिलाड़ी जोहान मंजांबी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों खिलाड़ियों ने आक्रमण में लगातार प्रभाव छोड़ा है और टीम को बड़े मुकाबलों में मजबूती दी है। हालांकि मंजांबी चोट के कारण इस मैच से बाहर हो सकते हैं, जो स्विस टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
स्विट्जरलैंड के मुख्य कोच मुरात याकिन का मानना है कि अर्जेंटीना दुनिया की बेहतरीन टीमों में से एक जरूर है, लेकिन हाल के मुकाबलों ने यह भी दिखाया है कि उसे हराया जा सकता है। उनका कहना है कि उनकी टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
पूरी दुनिया की निगाहें एक बार फिर लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी। 39 वर्षीय मेसी अपने करियर का संभवतः आखिरी विश्व कप खेल रहे हैं और अब तक हर मैच में गोल करने का रिकॉर्ड बनाए हुए हैं। वह गोल्डन बूट की दौड़ में भी शीर्ष दावेदारों में शामिल हैं। अनुभव, नेतृत्व और बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता उन्हें अर्जेंटीना का सबसे बड़ा हथियार बनाती है।
हालांकि लगातार कठिन मुकाबलों और अतिरिक्त समय तक खेले गए मैचों के कारण मेसी पर शारीरिक दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह एक बार फिर टीम को जीत दिलाने में सफल रहते हैं।
अगर दोनों टीमों के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो अर्जेंटीना का पलड़ा भारी रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक सात मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें अर्जेंटीना ने पांच जीते हैं जबकि दो मैच बराबरी पर समाप्त हुए। विश्व कप इतिहास में भी दोनों टीमें दो बार भिड़ी हैं और दोनों मुकाबलों में अर्जेंटीना ने जीत दर्ज की है।
इस मुकाबले की विजेता टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड और नॉर्वे के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ेगी। ऐसे में यह क्वार्टरफाइनल सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि विश्व कप खिताब की ओर बढ़ने वाला सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।