रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि यह हमला हाल के यूक्रेनी हमलों के जवाब में किया गया। मंत्रालय के अनुसार इस कार्रवाई में “ओरेशनिक” हाइपरसोनिक मिसाइल का भी इस्तेमाल हुआ। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बताई जाती है और अपनी अत्यधिक गति के कारण इसे रोकना बेहद कठिन माना जाता है।