Latest News Lifestyle
योगी सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार, बीजेपी ने साधे जातीय और क्षेत्रीय समीकरण

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच रविवार को योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार हुआ। यूपी में मंत्रिमंडल की अधिकतम संख्या 60 हो सकती है। इस विस्तार में बीजेपी ने 6 नए नेताओं को मंत्री बनाया है। इनमें भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज पांडे, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र सिंह दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश सिंह राजपूत शामिल हैं।

बीजेपी ने इस कैबिनेट विस्तार के जरिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। पार्टी ने अलग-अलग समाज और क्षेत्रों से नेताओं को मौका देकर सभी वर्गों को साधने का प्रयास किया है। इससे साफ है कि बीजेपी आने वाले चुनावों की तैयारी में जुट गई है।

अगर उत्तर प्रदेश को क्षेत्रवार देखें तो बीजेपी का फोकस पश्चिम यूपी, अवध, बुंदेलखंड और पूर्वांचल पर ज्यादा दिखाई देता है। पश्चिम यूपी में किसान आंदोलन और जाट राजनीति का असर रहा है, इसलिए वहां नए समीकरण बनाने की कोशिश की गई है। वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भी पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी का यह कदम समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के लिए चिंता बढ़ा सकता है। क्योंकि बीजेपी ने उन वर्गों और इलाकों पर ध्यान दिया है, जहां सपा अपनी मजबूत पकड़ मानती रही है।

इस विस्तार से यह भी संदेश देने की कोशिश हुई है कि बीजेपी सभी समाजों को साथ लेकर चलना चाहती है। आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कैबिनेट विस्तार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब Yogi Adityanath सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार हुआ। इस विस्तार में बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करते हुए 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन भी दिया गया।

नए मंत्रियों में शामिल हैं:

भुपेंद्र सिंह चौधरी- कैबिनेट मंत्री
मनोज कुमार पांडेय - कैबिनेट मंत्री
कृष्णा पासवान -  राज्य मंत्री
सुरेंद्र सिंह दिलेर  - राज्य मंत्री
हंसराज विश्ववकर्मा - राज्य मंत्री
कैलाश सिंहा राजपूत-  राज्य मंत्री  

इसके अलावा, दो मंत्रियों को प्रमोशन दिया गया
अजित सिंह पाल
सोमेद्र तोमर
दोनों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह विस्तार 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। बीजेपी ने इस बार OBC, दलित और ब्राह्मण प्रतिनिधित्व पर खास जोर दिया है, ताकि सामाजिक समीकरण मजबूत किए जा सकते हैं