अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने संघीय कर्मचारियों के लिए एक नया और व्यापक गैर-प्रकटीकरण समझौता (NDA) लागू करने की योजना बनाई है। यह प्रस्ताव यूएस ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट द्वारा फेडरल रजिस्टर में जारी एक ड्राफ्ट नोटिस के रूप में सामने आया है, जिस पर 30 दिनों तक जनता की राय ली जाएगी।
इस प्रस्ताव के तहत सरकारी कर्मचारियों को केवल पारंपरिक गोपनीय या वर्गीकृत जानकारी ही नहीं, बल्कि “गैर-सार्वजनिक, गोपनीय या स्वामित्व वाली जानकारी” साझा करने से भी रोका जा सकता है। इसके अलावा, “संवेदनशील, निर्णय से पहले की या विचार-विमर्श से जुड़ी सामग्री” को भी सार्वजनिक करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस व्यापक परिभाषा ने प्रशासनिक हलकों और विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नियम सरकारी पारदर्शिता पर असर डाल सकते हैं, क्योंकि इससे नीतिगत फैसलों की आंतरिक प्रक्रिया जनता तक पहुंचने में बाधा आ सकती है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि यह कदम सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा और लीक रोकने के लिए जरूरी है, जिससे राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके।
ड्राफ्ट नोटिस के अनुसार, यह समझौता संघीय कर्मचारियों पर व्यापक रूप से लागू होगा और इसमें सूचना साझा करने के दायरे को काफी सीमित किया गया है। इससे पहले आम तौर पर एनडीए केवल विशेष सुरक्षा या खुफिया एजेंसियों तक सीमित होते थे, लेकिन नया प्रस्ताव इसे लगभग सभी सरकारी विभागों तक विस्तारित करता है।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में सरकारी पारदर्शिता और सूचना लीक को लेकर लगातार बहस जारी है। आलोचकों का मानना है कि यदि यह नीति लागू होती है, तो पत्रकारिता और व्हिसलब्लोइंग पर भी इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल यह ड्राफ्ट सार्वजनिक सुझाव प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह नीति कितनी सख्ती से लागू की जाएगी।