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तनाव के बीच पोप लियो से मिलने वेटिकन पहुंचे मार्को रुबियो

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो वेटिकन पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने पोप लियो चौदहवें से अहम मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान युद्ध को लेकर पोप और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।

वेटिकन में कूटनीतिक बैठक
मार्को रुबियो और पोप लियो के बीच निजी मुलाकात करीब आधे घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद रुबियो वेटिकन के विदेश सचिव कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन से भी बातचीत करेंगे।

वेटिकन अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक का अनुरोध अमेरिका की ओर से किया गया था। कार्डिनल पारोलिन ने कहा कि पोप बातचीत के दौरान अमेरिकी पक्ष को ध्यान से सुनेंगे।

ट्रंप और वेटिकन के बीच बढ़ता तनाव
हाल के महीनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो के संबंधों में तनाव बढ़ा है। यह विवाद तब और गहरा गया जब पोप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई की आलोचना की और लगातार शांति व कूटनीति की अपील की।

ट्रंप ने हाल ही में आरोप लगाया था कि पोप संघर्ष का विरोध कर कैथोलिक समुदाय को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पोप ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के पक्ष में हैं।

हालांकि, पोप लियो ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि कैथोलिक चर्च हमेशा से परमाणु हथियारों के खिलाफ रहा है।

शांति पर पोप का जोर
पोप लियो ने कई बार कहा है कि चर्च का उद्देश्य शांति को बढ़ावा देना और हिंसा का विरोध करना है। उन्होंने दोहराया कि वैश्विक संघर्षों का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से संभव है।

कठिन बातचीत की संभावना
वेटिकन में अमेरिका के राजदूत ब्रायन बर्च ने संकेत दिया कि मौजूदा तनाव को देखते हुए रुबियो और पोप के बीच सीधी और खुली चर्चा हो सकती है।

कार्डिनल पारोलिन ने भी ट्रंप द्वारा पोप पर किए गए हालिया हमलों को असामान्य बताया, हालांकि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने से परहेज किया।

अन्य कूटनीतिक मुलाकातें
अपने दौरे के दौरान मार्को रुबियो इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात करेंगे। मेलोनी ने सार्वजनिक रूप से पोप लियो का समर्थन किया है और ट्रंप समेत अन्य नेताओं की आलोचनाओं का विरोध किया है।

वैश्विक स्तर पर पोप की बढ़ती भूमिका
पहले अमेरिकी पोप बनने के बाद लियो अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मानवीय मुद्दों पर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हाल के विदेशी दौरों में उन्होंने बढ़ते अधिनायकवाद और वैश्विक अस्थिरता पर चिंता जताई है।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पोप लियो कैथोलिक चर्च के प्रमुख के रूप में अपना पहला वर्ष पूरा करने वाले हैं। दुनिया भर में कैथोलिक चर्च के 1.4 अरब से अधिक अनुयायी हैं।