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फिलीपींस ने ICC वांटेड सीनेटर की गिरफ्तारी के आदेश दिए

फिलीपींस सरकार ने सीनेटर रोनाल्ड “बाटो” डेला रोसा की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला उस समय आया जब देश की सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) से जुड़े गिरफ्तारी वारंट को रोकने की उनकी मांग खारिज कर दी।

न्याय सचिव फ्रेडरिक विदा ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय रूप से डेला रोसा की तलाश कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गिरफ्तारी से बचाने में मदद करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विदा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सीनेटर बाटो न्याय से भाग रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कानून अपना काम करे।”

डेला रोसा फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख रह चुके हैं और 2016 से 2022 के बीच पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के शासन में चलाए गए विवादित ड्रग्स विरोधी अभियान में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।

इस अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाइयों और कथित सतर्कतावादी हत्याओं में हजारों लोगों की मौत हुई थी, जिस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए थे।

ICC से जुड़े जांचकर्ताओं का अनुमान है कि इस अभियान में 12,000 से 30,000 लोगों तक की मौत हो सकती है।

डेला रोसा ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी गैरकानूनी हत्याओं को बढ़ावा नहीं दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी के डर से वह कई महीनों तक छिपे रहे। पिछले सप्ताह वह फिलीपींस सीनेट परिसर में दिखाई दिए थे, जहां उन्होंने शरण ली थी।

बाद में सीनेट परिसर के पास तनावपूर्ण सुरक्षा घटना और गोलीबारी की खबरों के बीच वह फिर गायब हो गए।

अधिकारियों ने उनकी मौजूदा लोकेशन का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि वह अभी भी फिलीपींस में ही मौजूद हैं।

पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते भी इसी ड्रग्स विरोधी अभियान से जुड़े मानवता विरोधी अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे हैं और मार्च 2025 से हेग स्थित ICC हिरासत में हैं। दुतेर्ते ने भी सभी आरोपों से इनकार किया है।

फिलीपींस नेशनल पुलिस प्रमुख जोस मेलेंसियो नार्तातेज ने कहा कि पुलिस सभी कानूनी निर्देशों का पालन करेगी और संविधान के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले ने फिलीपींस में राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया है तथा दुतेर्ते शासन के दौरान चलाए गए ड्रग्स विरोधी अभियान की जवाबदेही को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।