लद्दाख के उपराज्यपाल ने हाल ही में प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों, विकास से जुड़े मुद्दों और सामाजिक शांति बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपराज्यपाल ने सभी पक्षों से संयम बरतने और किसी भी तरह की भड़काऊ बयानबाजी से दूर रहने की अपील की।
सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात गृह मंत्रालय स्तर पर हुई बातचीत के बाद आयोजित की गई, जिसमें वांगचुक के साथ उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो भी मौजूद थीं। बैठक का मुख्य उद्देश्य लद्दाख में जारी विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर संवाद को आगे बढ़ाना और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखना था।
उपराज्यपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और मांगें रखना सभी का अधिकार है, लेकिन इसे शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से व्यक्त करना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की उग्र या भड़काऊ भाषा से माहौल बिगड़ सकता है, जिससे आम जनता को नुकसान होता है।
सोनम वांगचुक ने भी बैठक में अपने विचार रखे और लद्दाख के पर्यावरण, रोजगार और संवैधानिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं को समझना और उनके समाधान के लिए लगातार संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक के बाद उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया पर भी इस चर्चा को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार और समाज के बीच संवाद ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने सभी संगठनों और व्यक्तियों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखें और शांति बनाए रखें।
लद्दाख में पिछले कुछ समय से राज्य के दर्जे और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज हुई है। ऐसे में यह मुलाकात क्षेत्र में संवाद और समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।