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हॉर्मुज संकट के बीच पाकिस्तान ने ईरान के लिए नए सड़क व्यापार मार्ग खोले

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और समुद्री व्यापार में बाधा के बीच पाकिस्तान ने ईरान तक सामान पहुंचाने के लिए छह ओवरलैंड (सड़क) व्यापार मार्ग खोल दिए हैं। यह कदम उस समय उठाया गया है जब शिपिंग में रुकावट के कारण कराची बंदरगाह पर हजारों कंटेनर फंसे हुए हैं।


पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने 25 अप्रैल को एक आधिकारिक आदेश जारी कर तीसरे देशों के सामान को पाकिस्तान के रास्ते सड़क मार्ग से ईरान भेजने की अनुमति दी। इसका उद्देश्य फंसे हुए माल को जल्द गंतव्य तक पहुंचाना है।

यह फैसला ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के इस्लामाबाद दौरे के दौरान लिया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सैन्य नेतृत्व के साथ बातचीत की। इन बैठकों में क्षेत्रीय संकट और उसके समाधान पर चर्चा हुई।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस कदम को क्षेत्रीय व्यापार को मजबूत करने और देश को एक प्रमुख ट्रांजिट हब बनाने की दिशा में अहम बताया है। हालांकि, यह सुविधा भारत से आने वाले सामान पर लागू नहीं होगी, क्योंकि भारत के साथ ट्रांजिट व्यापार पर पहले से प्रतिबंध है।

नए मार्ग पाकिस्तान के प्रमुख बंदरगाह कराची, पोर्ट कासिम और ग्वादर को ईरान की सीमा पर स्थित गब्द और तफ्तान क्रॉसिंग से जोड़ते हैं। ये रास्ते बलूचिस्तान के कई इलाकों जैसे तुरबत, पंजगुर, खुजदार, क्वेटा और दलबंदीन से होकर गुजरते हैं।

इनमें ग्वादर से गब्द वाला मार्ग सबसे तेज माना जा रहा है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाता है और लागत भी लगभग आधी हो सकती है। इससे व्यापारियों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

यह कदम उस बड़े क्षेत्रीय संकट से जुड़ा है जिसने पारंपरिक समुद्री मार्गों को प्रभावित किया है। फरवरी के अंत से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

समुद्री मार्गों में रुकावट के चलते अब सड़क मार्ग का महत्व बढ़ गया है। नए व्यापार कॉरिडोर को बढ़ती शिपिंग लागत और देरी के बीच एक व्यावहारिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अलावा, यह कदम क्षेत्रीय राजनीतिक बदलावों को भी दर्शाता है। हाल के महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते खराब हुए हैं, जिससे वहां के रास्ते व्यापार की विश्वसनीयता कम हुई है। ऐसे में पाकिस्तान खुद को पश्चिम की ओर जाने वाले व्यापार के लिए एक नए गेटवे के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर भविष्य में क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इसके साथ सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी हैं, जिन्हें संभालना जरूरी होगा।

फिलहाल, पाकिस्तान का यह कदम वैश्विक तनाव के बीच व्यापार को बनाए रखने का एक अहम विकल्प बनकर सामने आया है, जो दिखाता है कि भू-राजनीतिक परिस्थितियां किस तरह वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रही हैं।