गाजा में इजरायल के कई हमलों में कम से कम 12 फिलिस्तीनी लोगों की मौत हो गई है। मेडिकल सूत्रों के अनुसार, ये घटनाएं पिछले साल हुए संघर्ष विराम के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा रही हैं।
सबसे बड़ा हमला खान यूनिस में एक पुलिस वाहन पर हुआ, जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हुई। इनमें आसपास मौजूद आम नागरिक भी शामिल थे। गाजा सिटी में एक अलग हमले में दो पुलिसकर्मियों की जान गई, जबकि उत्तरी गाजा के बेइत लाहिया में एक रिहायशी इमारत पर हमले में दो और लोगों की मौत हुई।
गाजा के अधिकारियों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि पुलिसकर्मी आम लोगों की सुरक्षा और जरूरी सेवाएं बनाए रखने का काम करते हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाना गलत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
ये हमले उस संघर्ष विराम के बावजूद हुए हैं, जिसका मकसद हिंसा को कम करना था। हालांकि, समझौते के बाद लड़ाई की तीव्रता कुछ कम हुई है, लेकिन हमले पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष विराम लागू होने के बाद भी सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों घायल हुए हैं। अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस संघर्ष ने गाजा में भारी तबाही मचाई है, जहां कई इलाके पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं और जरूरी ढांचा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है।
कुल मिलाकर इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और आशंका है कि वे मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
लगातार बढ़ती हिंसा को देखते हुए शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की मांग तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।