अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें एक बार फिर ठहर गई हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अव्यावहारिक मांगें रखने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
सोमवार को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का 73वां दिन था। इस दौरान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच नए शांति प्रस्तावों को लेकर ताजा मतभेद सामने आए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार देर रात ईरान के नए प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के प्रस्ताव में लेबनान समेत कई मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने, प्रतिबंध हटाने और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करने की मांग की गई थी। तेहरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम और विदेश नीति पर नियंत्रण बनाए रखने की शर्त भी रखी, जो इस संघर्ष का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
तेल बाजार पर बढ़ा असर
कूटनीतिक गतिरोध का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.69 प्रतिशत बढ़कर 104.01 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अस्थिरता है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।
युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल और एलएनजी इसी मार्ग से गुजरता था। हालांकि हाल के दिनों में कुछ टैंकर इस रास्ते से निकले हैं, लेकिन समुद्री यातायात अभी भी सामान्य स्तर से काफी कम है।
क्षेत्रीय तनाव में और बढ़ोतरी
सप्ताहांत के दौरान क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया। संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि उसने ईरान से छोड़े गए दो ड्रोन को मार गिराया। वहीं कतर ने अपने समुद्री क्षेत्र में एक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की। कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में घुसे ड्रोन को रोकने की जानकारी दी।
ईरान ने कथित जासूस को दी फांसी
ईरानी अधिकारियों ने 29 वर्षीय एरफान शकूरजादेह को फांसी दिए जाने की घोषणा की। उस पर अमेरिका और इजराइल के लिए जासूसी करने का आरोप था।
ईरान की न्यायपालिका के अनुसार, उसने उपग्रह गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय वैज्ञानिक जानकारी विदेशी खुफिया एजेंसियों को दी थी। उसे पिछले वर्ष गिरफ्तार किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति जारी
यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को ब्रसेल्स में बैठक कर ईरान और यूक्रेन दोनों संघर्षों पर चर्चा की। वहीं डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए बीजिंग जा सकते हैं, जहां ईरान युद्ध समेत कई वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
अमेरिका में बढ़ रहा राजनीतिक दबाव
लगातार जारी युद्ध का असर अमेरिकी घरेलू राजनीति पर भी पड़ रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और आर्थिक अनिश्चितता आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले बड़ा मुद्दा बनती जा रही हैं।
लेबनान तक फैला संघर्ष
लेबनान में भी हिंसा जारी रही। अप्रैल में घोषित युद्धविराम के बावजूद इजराइली हवाई हमलों ने कफर तेबनित और चौकीन इलाकों को निशाना बनाया।
लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, बिंत जुबैल में आपातकालीन केंद्रों पर हुए हमलों में दो मेडिकल कर्मियों और एक नागरिक की मौत हुई। इजराइली सेना ने भी पुष्टि की कि लेबनान सीमा के पास सेना चालक अलेक्जेंडर ग्लोवानीयोव की मौत हो गई।
वैश्विक बाजारों पर असर
लगातार जारी तनाव का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिखाई दिया। सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से अमेरिकी डॉलर लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ, जबकि सोने की कीमतों में गिरावट आई।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि जल्द बातचीत फिर शुरू नहीं हुई, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी बाधाएं वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर और अधिक दबाव डाल सकती हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक तेल कीमतों में तेजी दर्ज की गई।