ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़ा संघर्ष अब 56वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस बीच इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे युद्धविराम को तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि यह फैसला बातचीत के बाद लिया गया है और उनका लक्ष्य एक स्थायी समझौता करना है। हालांकि युद्धविराम के बावजूद हिंसा पूरी तरह नहीं रुकी है। दक्षिणी लेबनान में एक हमले में तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिससे इस समझौते की नाजुक स्थिति साफ होती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि समुद्री रास्तों को बाधित करने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा। क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी भी बढ़ा दी गई है और अब वहां तीन विमानवाहक पोत तैनात हैं।
ईरान ने अंदरूनी मतभेदों की खबरों को खारिज करते हुए एकजुटता दिखाई है। वहीं तेहरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी कर कूटनीतिक प्रयासों में बाधा डाल रहा है।
दुनिया भर से संयम बरतने की अपील की जा रही है, जबकि इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है। तेल की कीमतों में तेजी आई है और ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है।
इजरायल ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार है। वहीं हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट हमलों की जिम्मेदारी ली है और इजरायल पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है।
लेबनान के अंदर भी स्थिति बंटी हुई है, जहां कुछ लोग शांति वार्ता का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ सशस्त्र संघर्ष के पक्ष में हैं।
कुल मिलाकर, युद्धविराम बढ़ने के बावजूद हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।