ईरान ने अमेरिका के साथ नई बातचीत की संभावना के संकेत दिए हैं, जबकि इज़राइल और लेबनान के बीच जारी नाजुक युद्धविराम को एक बार फिर 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिक्स बैठक के दौरान कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से तेहरान को ऐसे संदेश मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन क्षेत्रीय संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत जारी रखना चाहता है।
हालांकि अराघची ने कहा कि ईरान के संवर्धित परमाणु सामग्री और उसके परमाणु कार्यक्रम के भविष्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच अब भी बड़े मतभेद बने हुए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया कि अगर ईरान किसी व्यापक समझौते को लेकर गंभीरता दिखाता है, तो अमेरिका तेहरान के नागरिक परमाणु कार्यक्रम को अस्थायी रूप से लगभग 20 वर्षों तक सीमित रखने के प्रस्ताव को स्वीकार कर सकता है।
ईरान ने कहा कि वह भविष्य की वार्ताओं में चीन जैसे देशों की मध्यस्थता और समर्थन का स्वागत करेगा।
उधर, अमेरिका की मध्यस्थता के बाद लेबनान और इज़राइल ने मौजूदा युद्धविराम को मूल समयसीमा से आगे 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति जताई।
अमेरिकी विदेश विभाग ने युद्धविराम विस्तार की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा व्यवस्था और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का समय मिलेगा।
हालांकि समझौते के बावजूद शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में इज़राइली हमले जारी रहे। लेबनानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन पैरामेडिक्स भी शामिल थे।
इज़राइल के एक हवाई हमले में दक्षिणी लेबनान के शहर टायर की एक इमारत भी निशाना बनी। इससे पहले कई इलाकों के निवासियों को वहां से निकलने की चेतावनी दी गई थी।
इज़राइली सेना ने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह में उसने हिज्बुल्लाह के 220 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया और दक्षिणी लेबनान में 440 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस साल इज़राइली सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 3,000 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों घायल हुए हैं।
लेबनानी अधिकारियों ने युद्धविराम विस्तार और अमेरिका समर्थित सुरक्षा तंत्र को दीर्घकालिक स्थिरता की दिशा में अहम कदम बताया।
ईरान में अधिकारियों ने हालिया हमलों के नुकसान के नए आंकड़े जारी करते हुए कहा कि तेहरान में जारी संघर्ष से जुड़े हमलों में 1,260 से अधिक लोग मारे गए और कम से कम 2,800 घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने राजधानी में बड़े पैमाने पर तबाही की भी जानकारी दी, जिसमें हजारों घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अब अधिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जा रही है, क्योंकि कई देशों ने तेहरान द्वारा लागू किए गए नए कानूनी प्रोटोकॉल स्वीकार कर लिए हैं।
संयुक्त राष्ट्र में चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन स्वतंत्रता से जुड़े अमेरिका समर्थित प्रस्ताव का विरोध करने के संकेत दिए हैं। बीजिंग ने प्रस्ताव के समय और उसकी भाषा पर सवाल उठाए हैं।
वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करने वाली नई तेल पाइपलाइन के निर्माण को तेज करने की योजना की घोषणा की है, ताकि संवेदनशील समुद्री मार्ग पर निर्भरता कम की जा सके।
अमेरिका में अभियोजकों ने ईरान समर्थित काताइब हिज्बुल्लाह समूह से जुड़े एक कथित वरिष्ठ कमांडर पर यूरोप और कनाडा में हमलों से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है।
इन ताजा कूटनीतिक गतिविधियों के बीच क्षेत्रीय शक्तियां संघर्ष को और बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रही हैं, जबकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अब भी गतिरोध में फंसी हुई है।