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अमेरिका द्वारा हमले दोबारा शुरू होने पर ईरान की “लंबे और दर्दनाक” हमलों की चेतावनी

ईरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका सैन्य हमले फिर से शुरू करता है तो वह खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर “लंबे और दर्दनाक हमले” करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 8 अप्रैल से लागू नाज़ुक युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।


यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास ठहराव का शिकार हैं और दोनों पक्ष सैन्य तथा आर्थिक दबाव बनाए हुए हैं।

संकट के केंद्र में होर्मुज़ जलडमरूमध्य

संघर्ष के लगभग दो महीने बाद भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित हो रहा है। इस बाधा के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है और वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध बताया है और कहा है कि यह उसके खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों और आक्रामकता का जवाब है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी के बाद उठाया गया, जिससे ईरान के तेल निर्यात पर गंभीर असर पड़ा है।

क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी

ईरानी अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि हमले दोबारा शुरू होते हैं तो संघर्ष सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को भी निशाना बनाया जा सकता है। इससे खाड़ी देशों में चिंता बढ़ गई है।

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों को ईरान, लेबनान और इराक की यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां मौजूद लोगों से वापस लौटने को कहा है। वहीं बहरीन ने ईरान की आलोचना करते हुए उसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है।

अमेरिकी सैन्य योजना पर अनिश्चितता

यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करेगा या नहीं। अमेरिकी कानून, खासकर वार पावर्स रिज़ोल्यूशन, बिना कांग्रेस की मंजूरी के बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई को सीमित कर सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका संभावित हमलों पर विचार कर रहा है ताकि ईरान पर बातचीत के लिए दबाव बनाया जा सके, लेकिन इससे बड़े स्तर पर संघर्ष बढ़ने और भारी नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।

संभावित टकराव के लिए ईरान की तैयारी

ईरान ने अपनी रक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है। तेहरान के कुछ हिस्सों में ड्रोन गतिविधियों की आशंका के चलते एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि हमला हुआ तो क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने और नौसैनिक संपत्तियां निशाना बन सकती हैं।

दबाव में युद्धविराम

हालांकि युद्धविराम ने अब तक बड़े पैमाने के सीधे संघर्ष को रोके रखा है, लेकिन दोनों पक्ष अप्रत्यक्ष रूप से दबाव की रणनीति अपनाते रहे हैं, जिससे इसकी स्थिरता पर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की स्थिति कई संभावित दिशाओं में जा सकती है चाहे वह आर्थिक प्रतिबंधों में वृद्धि हो या फिर दोबारा सैन्य टकराव।

कुल मिलाकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है, और आने वाले फैसले तय करेंगे कि यह संघर्ष और बढ़ेगा या फिर बातचीत की ओर लौटेगा।