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लाल किले से पीएम मोदी की चेतावनी,दिमागी नक्सली पर निशाना


नई दिल्ली। देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रध्वज फहराया और लगातार 13वीं बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की एकता, सामाजिक शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने समाज में हिंसा और अराजकता फैलाने वाली मानसिकता के खिलाफ देशवासियों को सतर्क रहने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे तत्व मौके की तलाश में रहते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसी मानसिकता से सावधान रहने की जरूरत है और ऐसे लोगों या विचारों को समय रहते पहचानकर अलग-थलग करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री के इस बयान में सामाजिक शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी एकता और विविधता में है। देश में अलग-अलग विचार और मत होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों के खिलाफ समाज को जागरूक रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना सकते हैं। ऐसे तत्वों के प्रभाव को समझना और उनकी कोशिशों को पहचानना जरूरी है, ताकि समाज में अस्थिरता पैदा न हो।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह, हिंसा या समाज को बांटने वाली गतिविधि से सावधान रहें। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश की शांति और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी भूमिका है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश के विकास की बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, तकनीक, नवाचार और राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में लगाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को देश के लिए नए संकल्प का अवसर बताते हुए कहा कि आजादी की रक्षा के साथ देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की अपील की।

लाल किले से प्रधानमंत्री का यह संदेश राष्ट्रीय एकता, सामाजिक शांति और हिंसा फैलाने वाली मानसिकता के खिलाफ जागरूकता पर केंद्रित रहा। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर देश की प्रगति और सुरक्षा में योगदान देने का आह्वान किया।