नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिका में हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है, जिसमें उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का केंद्रीय जांच एजेंसियों से सत्यापन कराने की बात कही गई थी।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य याचिका के साथ एक अलग ट्रांसफर याचिका भी दाखिल की है। इसमें मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर 17 अगस्त 2026 को सुनवाई करेगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। पीठ में न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला राहुल गांधी के खिलाफ कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत में राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के आधार पर मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सामने पहुंचा। हाई कोर्ट ने मई 2026 में केंद्रीय जांच एजेंसियों को आरोपों के सत्यापन और मामले में उपलब्ध सामग्री की जांच करने से जुड़ा आदेश दिया था।
राहुल गांधी ने अब इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका में हाई कोर्ट के आदेश की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए राहत की मांग की गई है।
ईडी और सीबीआई की भूमिका
मामले में प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो की भूमिका को लेकर भी अदालत में चर्चा हुई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय एजेंसियों को आरोपों से संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया था।
हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि जांच या सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले में सीबीआई की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट को लेकर भी हाई कोर्ट ने असंतोष व्यक्त किया था। इसके बाद जांच और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अदालत की ओर से कुछ निर्देश दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की गई
राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका का मुख्य उद्देश्य इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देना है। उनका पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट के सामने हाई कोर्ट के आदेश से जुड़े कानूनी और प्रक्रियात्मक सवाल रखेगा।
इसके अलावा ट्रांसफर याचिका के जरिए मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। इस याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
इस तरह सुप्रीम कोर्ट के सामने फिलहाल दो महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। पहला, इलाहाबाद हाई कोर्ट के जांच और सत्यापन संबंधी आदेश को चुनौती और दूसरा, मामले को दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग।
17 अगस्त को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में दोनों याचिकाओं पर 17 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कानूनी सवालों पर क्या राहत दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट का जांच संबंधी आदेश आगे किस तरह प्रभावी रहेगा और मामले की सुनवाई किस अदालत में होगी।
राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मामला
राहुल गांधी देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं में शामिल हैं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में उनके खिलाफ चल रहा यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, आरोपों और जांच से जुड़े किसी भी निष्कर्ष को अंतिम रूप से तभी माना जा सकता है जब संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी हो। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है और अदालत को इस मामले में आगे की दिशा तय करनी है।
मामले की अगली सुनवाई अब 17 अगस्त को होगी। उस दिन सुप्रीम कोर्ट के सामने हाई कोर्ट के आदेश के साथ-साथ मामले को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की मांग पर भी सुनवाई होगी।