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अमित शाह बोले- कल 3 बजे तक चर्चा के लिए तैयार, सभी सवालों के दूंगा जवाब

 संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष को चर्चा की पेशकश की। अमित शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए विपक्ष को संसद की कार्यवाही चलने देनी होगी।

गृह मंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है तो उसी दिन दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह सदन में मौजूद रहेंगे, विपक्ष की बात सुनेंगे और अगले दिन दोपहर 3 बजे सभी सवालों का जवाब देंगे।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह सदन की कार्यवाही बाधित न करे और चर्चा के जरिए अपने सवाल उठाए।

 विपक्ष लगातार उठा रहा कई मुद्दे

संसद में पिछले कई दिनों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष की ओर से राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की जा रही है।

विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। विशेष रूप से प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण मांग रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली है।

 अमित शाह ने कहा- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार

अमित शाह ने विपक्ष की मांगों के जवाब में कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह सदन को सुचारू रूप से चलने दे ताकि सभी मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से बहस हो सके।

गृह मंत्री के मुताबिक, सरकार चाहती है कि संसद में सभी विषयों पर चर्चा हो और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चर्चा के दौरान उठाए गए सवालों का सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा।

 'आज 3 बजे चर्चा शुरू करें'

अमित शाह ने विपक्ष को समय का प्रस्ताव देते हुए कहा कि चर्चा दोपहर 3 बजे से शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह खुद सदन में बैठेंगे और विपक्ष की बात सुनेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले दिन दोपहर 3 बजे वह सदन में उठाए गए सभी सवालों के जवाब देंगे। इस प्रस्ताव के जरिए सरकार ने संसद में जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश की है।

अमित शाह का कहना है कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए संसद की कार्यवाही का चलना जरूरी है।

 विपक्ष का रुख भी महत्वपूर्ण

विपक्ष लंबे समय से मांग कर रहा है कि जिन मुद्दों को लेकर संसद में हंगामा हो रहा है, उन पर सरकार स्पष्ट जवाब दे। विपक्ष की ओर से जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

इसके अलावा राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर भी विपक्ष चर्चा की मांग कर रहा है।

विपक्ष का तर्क है कि इन मुद्दों पर संसद में चर्चा और सरकार का जवाब जरूरी है। वहीं सरकार का कहना है कि वह चर्चा से भाग नहीं रही है और हर विषय पर बात करने के लिए तैयार है।

 संसद में गतिरोध खत्म करने की कोशिश

संसद में लगातार हंगामे के कारण कई मौकों पर कार्यवाही प्रभावित हुई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के कारण विधायी कामकाज भी प्रभावित हुआ है।

ऐसे माहौल में अमित शाह का चर्चा के लिए समय प्रस्तावित करना संसद के गतिरोध को खत्म करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। अब विपक्ष इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है, यह महत्वपूर्ण होगा।

अगर दोनों पक्ष चर्चा के लिए सहमत होते हैं तो संसद में कई दिनों से चले आ रहे विवादित मुद्दों पर विस्तृत बहस का रास्ता खुल सकता है।

 'NDA सरकार किसी भी बात पर चर्चा को तैयार'

अमित शाह ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से केवल संसद को चलने देने की अपील की।

सरकार की ओर से यह संदेश ऐसे समय आया है जब विपक्ष लगातार अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है और संसद परिसर में भी दोनों पक्षों के बीच विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष सरकार की चर्चा की पेशकश को स्वीकार करता है या संसद में गतिरोध आगे भी जारी रहता है।