लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। कथित अनियमितताओं से जुड़े इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अभ्यर्थियों को लंबे समय तक दुविधा में नहीं रखा जा सकता और उनके भविष्य को अधर में नहीं छोड़ा जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जल्द निर्णय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मामला किसी भी पक्ष में हो, लेकिन फैसला शीघ्र होना चाहिए। अदालत की टिप्पणी से साफ है कि लंबे समय से लंबित इस विवाद का जल्द समाधान तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।
मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर से लगातार तीन दिनों तक होने की बात सामने आई है। सुनवाई के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उससे प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी के बाद अब मामले में होने वाली लगातार तीन दिन की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजर है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जल्द निर्णय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मामला किसी भी पक्ष में हो, लेकिन फैसला शीघ्र होना चाहिए। अदालत की टिप्पणी से साफ है कि लंबे समय से लंबित इस विवाद का जल्द समाधान तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।
मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर से लगातार तीन दिनों तक होने की बात सामने आई है। सुनवाई के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और उससे प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
69 हजार शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी के बाद अब मामले में होने वाली लगातार तीन दिन की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजर है।