लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का अभी औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता आकाश आनंद करीब सवा दो साल बाद उत्तर प्रदेश में बड़े चुनावी मंच से अपनी राजनीतिक सक्रियता का आगाज करने जा रहे हैं। हाथरस के सादाबाद में होने वाली सभा के जरिए आकाश आनंद चुनावी हुंकार भरेंगे।
आकाश आनंद की यूपी की राजनीति में वापसी ऐसे समय हो रही है, जब विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में उनकी इस सभा पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
2024 में दिखा था आक्रामक अंदाज
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान आकाश आनंद ने अपने भाषणों और बयानों से खासा ध्यान खींचा था। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए बेहद आक्रामक तेवर अपनाए थे। उनके भाषणों में युवाओं और दलित मतदाताओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से नजर आए थे।
हालांकि, बाद में उनकी राजनीतिक सक्रियता में बदलाव देखने को मिला और यूपी की राजनीति में उनकी मौजूदगी पहले के मुकाबले कम हो गई।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या लौटेगा वही तेवर?
सवा दो साल बाद आकाश आनंद जब यूपी के चुनावी मंच पर पहुंचेंगे तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि क्या उनका वही पुराना आक्रामक अंदाज फिर देखने को मिलेगा? क्या वह एक बार फिर सरकार पर सीधे हमले करेंगे और युवाओं, बेरोजगारी, महंगाई व सामाजिक मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाएंगे?
सादाबाद की सभा को आकाश आनंद के लिए सिर्फ एक चुनावी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यूपी की राजनीति में उनकी सक्रिय वापसी के तौर पर भी देखा जा रहा है। उनके भाषण से यह संकेत मिल सकता है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बसपा किस रणनीति और किन मुद्दों के साथ मैदान में उतरने वाली है।
अब सबकी नजरें सादाबाद के मंच पर होंगी कि आकाश आनंद की ‘वापसी’ कितनी आक्रामक होती है और क्या वह 2024 वाला तेवर दोबारा दिखा पाते हैं।