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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चेकपोस्ट तोड़ भागी संदिग्ध स्कॉर्पियो


जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार तड़के जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो के सुरक्षा जांच नाका तोड़कर भागने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। घटना ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू कर पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 3:30 बजे की है। काले रंग की एक स्कॉर्पियो श्रीनगर से जम्मू की ओर जा रही थी। जब वाहन रामबन जिले के चंद्रकोट क्षेत्र में स्थापित सुरक्षा जांच नाके पर पहुंचा, तब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने नियमित जांच के लिए उसे रुकने का संकेत दिया। हालांकि चालक ने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी करते हुए वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेड तोड़ते हुए नाशरी की दिशा में तेजी से निकल गया।

वाहन के संदिग्ध तरीके से भागने के बाद मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने वाहन को रोकने के उद्देश्य से तीन राउंड फायरिंग की। अधिकारियों के अनुसार फायरिंग का उद्देश्य चालक को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि वाहन के टायरों को निशाना बनाकर उसे रोकना था ताकि किसी संभावित सुरक्षा खतरे को समय रहते रोका जा सके। इसके बावजूद चालक वाहन लेकर आगे निकलने में सफल रहा।

पुलिस ने तुरंत वाहन का पीछा शुरू किया और आसपास के सभी सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया गया। कुछ दूरी तय करने के बाद चालक ने दलवास क्षेत्र के समीप सड़क किनारे स्कॉर्पियो छोड़ दी और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने वाहन को लावारिस अवस्था में बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही रामबन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अरुण गुप्ता स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि संदिग्ध वाहन को जब्त कर लिया गया है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई। जिला पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की संयुक्त टीमों ने चंद्रकोट, नाशरी, दलवास तथा आसपास के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन की गहन जांच की जा रही है। कई स्थानों पर अतिरिक्त जांच चौकियां स्थापित की गई हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

तलाशी अभियान के दौरान ड्रोन कैमरों, खोजी कुत्तों और आधुनिक निगरानी उपकरणों की सहायता ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आसपास के जंगलों, ग्रामीण इलाकों और संभावित भागने के रास्तों की लगातार निगरानी कर रही हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि चालक की पहचान और उसके आने-जाने के मार्ग का पता लगाया जा सके।

फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि चालक ने सुरक्षा जांच से बचने की कोशिश क्यों की। यह भी जांच की जा रही है कि क्या वाहन में पहले कोई संदिग्ध सामग्री मौजूद थी, या चालक किसी आपराधिक अथवा अन्य गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ा हुआ था। पुलिस वाहन के पंजीकरण, चेसिस नंबर और उसके वास्तविक मालिक की पहचान करने में जुटी है। वाहन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि उससे किसी प्रकार के भौतिक या वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रणनीतिक और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मार्ग माना जाता है। यह मार्ग अमरनाथ यात्रा, सैन्य आवाजाही और जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली प्रमुख जीवनरेखा है। ऐसे में सुरक्षा जांच नाका तोड़कर वाहन का फरार होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और सुरक्षा बल फरार चालक की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।