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16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची की बड़ी जांच, एक करोड़ से अधिक वोटरों को नोटिस

 

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत फर्जी, डुप्लीकेट, मृतक और अयोग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।

आयोग के अनुसार, इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। कर्नाटक में लगभग 1.10 करोड़ मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड सहित कई अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची की व्यापक जांच जारी है। प्रत्येक राज्य के लिए पुनरीक्षण का अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम ही मतदाता सूची में बनाए रखना है। सत्यापन के दौरान यदि किसी मतदाता का नाम फर्जी, डुप्लीकेट, मृतक या नियमों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे हटाया जा सकता है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम गलती से मतदाता सूची से हट जाता है, तो उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित मतदाता ऑनलाइन पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन ऐप या अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के माध्यम से दावा और आपत्ति दर्ज कराकर अपना नाम दोबारा सूची में शामिल करा सकता है।

चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें और समय रहते अपने दस्तावेज़ों की जांच कर लें, ताकि आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार पर कोई प्रभाव न पड़े।