उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कम अवधि को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए सत्र को सीमित समय का रख रही है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया और सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग उठाई।
विपक्ष ने सरकार पर कथित चंदा वसूली के आरोप भी लगाए और इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की। विपक्षी नेताओं का कहना था कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया और कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के आरोप लगा रहा है।
सदन में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराधों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने हाल के कुछ मामलों का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगा। साथ ही युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की गई।
सरकार की ओर से कहा गया कि वह सभी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। सरकार ने दावा किया कि राज्य में विकास कार्य और जनहित की योजनाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मानसून सत्र के शुरुआती दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अब सभी की निगाहें आगामी बैठकों पर हैं, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और सरकार के जवाब का इंतजार रहेगा।