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6 साल बाद फिर खुला भारत-चीन सीमा व्यापार, उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से शुरू हुई आवाजाही

 

नई दिल्ली:करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच उत्तराखंड स्थित लिपुलेख दर्रे से सीमा व्यापार एक बार फिर शुरू हो गया है। इस फैसले के तहत चीन ने पहले चरण में 20 भारतीय व्यापारियों को तिब्बत के तकलाकोट (पुरांग) जाने की अनुमति दी है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों के फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद बढ़ गई है।

कोविड-19 महामारी और उसके बाद भारत-चीन सीमा पर बढ़े तनाव के चलते वर्ष 2020 से इस मार्ग पर व्यापार पूरी तरह बंद था। अब दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद सीमित स्तर पर व्यापारिक गतिविधियां दोबारा शुरू की गई हैं।

लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है और भारत, नेपाल तथा चीन के त्रि-जंक्शन के पास एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामरिक मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से वर्षों से स्थानीय व्यापारी तिब्बत के तकलाकोट में ऊन, जड़ी-बूटियां, मसाले, दैनिक उपयोग का सामान और अन्य पारंपरिक वस्तुओं का कारोबार करते रहे हैं।

सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने से उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों के व्यापारियों और स्थानीय लोगों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं।

हालांकि फिलहाल व्यापार सीमित संख्या में व्यापारियों के साथ शुरू किया गया है। यदि प्रक्रिया सुचारु रहती है, तो आने वाले समय में व्यापारियों की संख्या और व्यापार का दायरा बढ़ाया जा सकता है। सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।