नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में लगातार उठ रहे विवादों और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एजेंसी ने अपने पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) के तहत चार महाप्रबंधकों (जनरल मैनेजर) और 16 युवा पेशेवरों (यंग प्रोफेशनल्स) की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह निर्णय पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। समिति ने NTA की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।
नई भर्तियों का उद्देश्य परीक्षा संचालन, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
सूत्रों के अनुसार, नए महाप्रबंधक विभिन्न प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि युवा पेशेवर आधुनिक तकनीक, डिजिटल निगरानी और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में एजेंसी को सहयोग देंगे।
पिछले कुछ वर्षों में NTA कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर विवादों के केंद्र में रही है। ऐसे में यह पुनर्गठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों का विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समिति की अन्य सिफारिशों को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो NTA की कार्यप्रणाली अधिक आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय बन सकेगी, जिससे देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा।