नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद अपना 26 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। यह फैसला केंद्र सरकार के साथ हुई लंबी बातचीत और कुछ महत्वपूर्ण आश्वासनों के बाद लिया गया।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने देशभर में संभावित तनाव और हिंसा की आशंका को देखते हुए तथा सरकार द्वारा वार्ता के लिए सकारात्मक पहल किए जाने के बाद अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र की ताकत है और आगे की रणनीति पर जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई न करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े मुद्दों पर आगे संवाद जारी रखने का भरोसा दिया।
जेपी नड्डा ने भी वांगचुक से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया और उनके स्वास्थ्य की चिंता व्यक्त की। इसके बाद वांगचुक ने औपचारिक रूप से अपना अनशन तोड़ दिया। इस घटनाक्रम को आंदोलन और सरकार के बीच संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, आंदोलन से जुड़े संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ आगे भी बातचीत जारी रहेगी और आवश्यक सुधारों की दिशा में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलता रहेगा।