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गांधी स्मृति पहुंचे राहुल, छात्रों के साथ एकजुट विपक्ष


नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी राजनीतिक और सामाजिक बहस के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDI गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने गांधी स्मृति स्थल पहुंचकर उन छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और उससे जुड़े मानसिक दबाव के बीच अपनी जान गंवाई। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग दोहराई।

गुरुवार को राहुल गांधी के नई दिल्ली स्थित आवास पर INDI गठबंधन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राज्यसभा सांसद जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में NEET पेपर लीक मामले, छात्रों के विरोध प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संसद के भीतर विपक्ष की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के बाद सभी नेता बसों के माध्यम से गांधी स्मृति स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने महात्मा गांधी के विचारों का स्मरण करते हुए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग को आगे बढ़ाने की बात कही।

राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्र अकेले नहीं हैं और पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दर्द को केवल संवेदना से नहीं बल्कि ठोस सुधारों और जवाबदेही से कम किया जा सकता है।

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर होना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

इस दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों और प्रशासनिक जिम्मेदारी के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। वहीं सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि वह संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और परीक्षा से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गांधी स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद विपक्षी नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों की आवाज़ को लोकतांत्रिक मंच तक पहुंचाना है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध, संवाद और संवैधानिक तरीकों से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया।