लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व अब यूपी में संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। पार्टी की कोशिश 2022 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने की है।
बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े हाल ही में लखनऊ का दौरा कर चुके हैं और संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। तावड़े आने वाले दिनों में दोबारा यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 16 से 22 सितंबर के बीच करीब 15 जिलों में संगठन और चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे।
वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष का भी यूपी दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके लखनऊ दौरे के दौरान संगठन की तैयारियों, क्षेत्रवार स्थिति और आगामी चुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी यूपी में सक्रिय होने जा रहे हैं। उनका पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अपने दौरे की शुरुआत करने का कार्यक्रम बताया जा रहा है।
बीजेपी की रणनीति इस बार पूरे यूपी को अलग-अलग क्षेत्रों में देखते हुए काम करने की है। पश्चिमी यूपी में नितिन नवीन, जबकि अवध और कानपुर क्षेत्र में बीएल संतोष संगठन की तैयारियों पर नजर रखेंगे। वहीं विनोद तावड़े प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर फोकस करेंगे।
बीजेपी के लिए 2027 का चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को यूपी में बड़ा झटका लगा था। ऐसे में अब पार्टी का फोकस उन विधानसभा सीटों पर है जहां उसे पिछले चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा। इसके साथ ही जातीय और सामाजिक समीकरण, एनडीए सहयोगी दलों के साथ तालमेल और बूथ स्तर की मजबूती को भी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है।
कुल मिलाकर यूपी में सरकार से लेकर संगठन तक बीजेपी ने चुनावी तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में विकास परियोजनाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए सक्रिय हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में बीजेपी के केंद्रीय नेताओं के लगातार यूपी दौरे प्रदेश की सियासत को और गर्म कर सकते हैं।
2027 का यूपी विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन बीजेपी ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि संगठन की यह रणनीति चुनावी मैदान में पार्टी को कितना फायदा पहुंचाती है।