बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में सड़क चौड़ीकरण को लेकर एक बार फिर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। सीएम ग्रिड योजना के तीसरे चरण के तहत ईंट पजाया चौराहे से महर्षि चौक तक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाना है। इस परियोजना की जद में करीब 140 से अधिक दुकानें और मकान समेत अन्य निर्माण आए हैं।
नगर निगम की ओर से संबंधित भवनों और प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। लोगों को अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर से निर्माण हटाया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को जमीन या निर्माण पर मालिकाना हक का दावा है, तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ नगर निगम में अपनी बात रख सकता है।
8 से 20 फीट तक अतिक्रमण का दावा
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक सड़क के कई हिस्सों में करीब 8 से 20 फीट तक अतिक्रमण चिन्हित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। योजना के तहत सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाने के साथ बिजली और इंटरनेट की केबल को भूमिगत करने की भी तैयारी है।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता
नोटिस मिलने के बाद सड़क किनारे कारोबार करने वाले दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी इन्हीं दुकानों पर निर्भर है। दूसरी ओर प्रशासन का तर्क है कि सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाना सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्य के लिए जरूरी है। तय समय सीमा के बाद कार्रवाई होने की स्थिति में निर्माण हटाने का खर्च संबंधित अतिक्रमणकर्ता से वसूले जाने की बात भी नोटिस में कही गई है।