कानपुर में BSF हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल (HCM) परीक्षा के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में तकनीकी खामियों की शिकायत की। चकेरी के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर बुधवार को परीक्षा देने पहुंचे कई अभ्यर्थियों का आरोप था कि परीक्षा के दौरान कंप्यूटर सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहे थे। कई कंप्यूटर हैंग होने के साथ-साथ माउस और कीबोर्ड में भी समस्या आने की बात कही गई।
तकनीकी परेशानियों के कारण अभ्यर्थियों को ऑनलाइन परीक्षा में सवाल हल करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। उनका कहना था कि परीक्षा के लिए लंबे समय से तैयारी करने के बाद जब वे परीक्षा केंद्र पहुंचे तो सिस्टम की खराबी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। इसको लेकर परीक्षा केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती गई और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
सिस्टम हैंग और इनपुट डिवाइस की शिकायत
अभ्यर्थियों के मुताबिक परीक्षा के दौरान कई कंप्यूटर सिस्टम अचानक हैंग हो गए। कुछ अभ्यर्थियों ने माउस और कीबोर्ड के काम नहीं करने की शिकायत भी की। ऑनलाइन परीक्षा में कंप्यूटर का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि परीक्षा पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के जरिए आयोजित की जाती है।
अभ्यर्थियों का कहना था कि सिस्टम में आई तकनीकी खराबी की वजह से उन्हें सवाल पढ़ने, विकल्प चुनने और जवाब दर्ज करने में परेशानी हुई। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान समय प्रभावित होने की भी बात कही। इसी वजह से परीक्षा केंद्र की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
पेपर लीक की चर्चा से बढ़ा विवाद
तकनीकी गड़बड़ी के बीच परीक्षा में पेपर लीक होने की चर्चा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अनियमितता की आशंका जताते हुए पेपर लीक का आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच की मांग की।
हालांकि, पेपर लीक होने की बात की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे अभी आरोप या अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई आशंका के तौर पर ही देखा जा रहा है। परीक्षा एजेंसी या संबंधित विभाग की ओर से जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेपर लीक से जुड़ा कोई मामला वास्तव में सामने आया था या नहीं।
परीक्षा केंद्र के बाहर जुटे अभ्यर्थी
तकनीकी समस्याओं के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ गया और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्र के बाहर एकत्र होकर विरोध करने लगे। अभ्यर्थियों ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।
अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती परीक्षा उनके भविष्य से जुड़ी होती है और इसमें किसी भी तरह की तकनीकी लापरवाही उनके लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है। कई अभ्यर्थियों ने मांग की कि जिन उम्मीदवारों की परीक्षा तकनीकी कारणों से प्रभावित हुई है, उनके साथ न्याय किया जाए और जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षा कराई जाए।
मौके पर पहुंची पुलिस
हंगामे की सूचना मिलने के बाद चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद अभ्यर्थियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कुछ समय तक परीक्षा केंद्र के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस की मौजूदगी में अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया गया। स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस बल को भी तैनात किया गया। हालांकि, अभ्यर्थियों की मुख्य मांग परीक्षा में हुई तकनीकी समस्याओं की निष्पक्ष जांच और प्रभावित उम्मीदवारों के हित में उचित कार्रवाई की रही।
प्रथम पाली की परीक्षा रद्द होने की भी चर्चा
हंगामे के बीच यह चर्चा भी सामने आई कि तकनीकी समस्याओं के कारण प्रथम पाली की परीक्षा निरस्त की जा सकती है। हालांकि, प्रथम पाली की परीक्षा रद्द किए जाने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ऐसे में परीक्षा रद्द होने या दोबारा आयोजित किए जाने से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए संबंधित विभाग या परीक्षा प्राधिकरण की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना जरूरी है। सोशल मीडिया या अभ्यर्थियों के बीच चल रही चर्चाओं को आधिकारिक निर्णय नहीं माना जा सकता।
अभ्यर्थियों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि परीक्षा केंद्र पर लगे कंप्यूटर सिस्टम और तकनीकी व्यवस्था की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि कितने उम्मीदवारों की परीक्षा तकनीकी कारणों से प्रभावित हुई और उन्हें कितना समय या परीक्षा का अवसर मिला।
इसके अलावा पेपर लीक के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अब जांच से साफ होगी तस्वीर
कानपुर के परीक्षा केंद्र पर हुई इस घटना के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि तकनीकी खराबी किस वजह से हुई और इससे कितने अभ्यर्थियों की परीक्षा प्रभावित हुई। इसके अलावा पेपर लीक से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह भी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर सिस्टम हैंग होने, माउस-कीबोर्ड में दिक्कत और अभ्यर्थियों के विरोध की बात सामने आई है। पेपर लीक और प्रथम पाली की परीक्षा निरस्त होने के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आगे की स्थिति संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक निर्णय पर निर्भर करेगी।